➤ CBSE 12वीं का रिजल्ट घोषित, कुल 85.20 फीसदी छात्र पास
➤ लड़कियों ने फिर मारी बाजी, 88.86% छात्राएं सफल
➤ DigiLocker और UMANG ऐप पर भी उपलब्ध हुआ रिजल्ट
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आखिरकार 12वीं कक्षा का रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है। लंबे समय से परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों और अभिभावकों का इंतजार अब खत्म हो गया है। छात्र अब बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपना रिजल्ट आसानी से चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।
इस बार CBSE 12वीं परीक्षा में कुल 85.20 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में पास प्रतिशत में तीन फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस बार भी लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है।
सीबीएसई के मुताबिक वर्ष 2026 में 88.86 प्रतिशत लड़कियां परीक्षा में सफल हुई हैं, जबकि 82.13 प्रतिशत लड़के पास हुए हैं। वहीं ट्रांसजेंडर छात्रों ने लगातार 100 प्रतिशत सफलता हासिल कर एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। लड़कियों का परिणाम लड़कों की तुलना में 6.73 फीसदी बेहतर रहा।
संस्थानों के प्रदर्शन की बात करें तो केंद्रीय विद्यालय ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। केंद्रीय विद्यालयों का पास प्रतिशत 98.55 रहा, जबकि युवा राष्ट्रीय विद्यालयों का परिणाम 98.47 प्रतिशत दर्ज किया गया। सरकारी विद्यालयों का पास प्रतिशत 89.55 और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों का 86.07 प्रतिशत रहा। वहीं स्वतंत्र विद्यालयों का परिणाम 84.22 फीसदी दर्ज किया गया।
सीबीएसई बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 12वीं में पास होने के लिए प्रत्येक विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। बोर्ड के ग्रेडिंग सिस्टम में A से D तक पास माना जाता है, जबकि E ग्रेड का मतलब फेल होता है। जिन छात्रों को किसी विषय में E ग्रेड मिला है, उन्हें कंपार्टमेंट या दोबारा परीक्षा देनी पड़ सकती है।
इस वर्ष 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल तक आयोजित की गई थीं। देशभर के लगभग 7,574 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हुई थी, जिसमें 18 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे।
छात्र अपना रिजल्ट cbse.gov.in, results.cbse.nic.in, cbseresults.nic.in के अलावा DigiLocker और UMANG ऐप के जरिए भी देख सकते हैं। रिजल्ट चेक करने के लिए रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी और जन्म तिथि की आवश्यकता होगी।
सीबीएसई ने इस साल भी आधिकारिक टॉपर लिस्ट जारी नहीं करने का फैसला बरकरार रखा है। बोर्ड का कहना है कि छात्रों पर अनावश्यक दबाव कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।



